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May 2, 2012

मंडी गोबिंदगढ़ : जैन भवन में रक्तदान कैंप 30 को


जैन भवन में रक्तदान कैंप 30 को
Updated on: Fri, 27 Apr 2012 
संवाद सूत्र, मंडी गोबिंदगढ़  जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो 

स्टील सिटी के मेन बाजार स्थित तेरापंथ जैन भवन में 30 अप्रैल को रक्तदान कैंप का आयोजन किया जा रहा है। तेरापंथ जैन धर्म संघ के मंत्री प्रवीण जैन ने बताया कि तेरापंथ जैन धर्म के 11वें अधिसासता आचार्य महाश्रमण जी के 50वें अर्मत महोत्सव कार्यक्रम के उपलक्ष्य में इस रक्तदान कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब से डाक्टरों की टीम रक्तदानियों से रक्त एकत्रित करेगी।

,मंडी गोबिंदगढ़: सुखी राष्ट्र समृद्ध परिवार' पुस्तक का विमोचन


'सुखी राष्ट्र समृद्ध परिवार' पुस्तक का विमोचन

Updated on: Tue, 10 Apr 2012 
 
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'सुखी राष्ट्र समृद्ध परिवार' पुस्तक का विमोचन
संवाद सूत्र,मंडी गोबिंदगढ़ : जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो 
आचार्य श्री महाश्रमण के संत मुनिश्री विनय कुमार आलोक ने जैन श्रावक पुरुषोत्तम जैन द्वारा पंजाबी में अनुवादित की गई पुस्तक 'सुखी राष्ट्र-समृद्ध परिवार' पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके मुनिश्री ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ जी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने संयुक्त रूप से इस पुस्तक का लेखन करके समाज को एक नया संदेश दिया है। मूल रूप से अंग्रेजी में लिखी इस पुस्तक कुछ समय पहले हिंदी में प्रकाशित हुई थी। जैन श्रावक पुरुषोत्तम जैन ने इस पुस्तक का पंजाबी में अनुवाद करके पंजाबी समाज को नई दिशा प्रदान करने का प्रयास किया है। मुनिश्री ने कहा कि आज के एकल परिवार के युग में इस पुस्तक का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। आचार्य श्री महाप्रज्ञ ने इस पुस्तक में समाज को अध्यात्म के साथ जीवन यापन करने की विधि बताई है तो, कलाम साहब ने विज्ञान के साथ समाज को बनाने की बात की है। इस मौके पर पुरुषोत्तम जैन ने कहा कि इस पुस्तक को पंजाबी में अनुवाद के लिए आचार्य श्रीमहाप्रज्ञ ने आदेश दिया था। विद्वान संत मुनिश्री विनय कुमार जी ओलाक के कर कमलों से पुस्तक का विमोचन उनके लिए सौभाग्य की बात है। इस मौके पर मुनिश्री अभय कुमार जी, श्री जैन श्वेताबर तेरापंथी महासभा पंजाब के चेयरमैन सुरेंद्र मित्तल, रमेश मित्तल प्रधान तेरापंथ सभा मंडी गोबिंदगढ़, लक्ष्मी मित्तल, विजय सिंगला, आनंद जैन, रमेश जैन, पंकज जैन, अशोक आर्य, अरिहत सिंगला, संतोष सिंगला, नीलम जैन आदि उपस्थित थे।

Apr 25, 2012

कम बोलने का अभ्यास करें : मुनि श्री विनय कुमार


कम बोलने का अभ्यास करें : मुनि श्री विनय कुमार
Updated on: Sun, 15 Apr 2012 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो (जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो संवाददाता, )


संवाद सूत्र, मंडी गोबिंदगढ़ 15 Apr २०१२ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो (जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो संवाददाता, )

गायत्री आश्रम में मुनि श्री विनय कुमार जी आलोक ने कहा कि अधिक बोलने से शारीरिक शक्ति का ही नुकसान नहीं होता, बल्कि शब्दों की ताकत भी क्षय होती है। अधिक बोलने का सीधा असर गले और फेफडे़ पर भी पड़ता है।

यह मामला स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। अधिक बोलने वाले लोग जान ही नहीं पाते कि उनकी भाषा कब बकवास में बदल गई। समाज में आदर भी कम होता है। स्वयं की गंभीरता भी चली जाती है। जैसे कोई भी काम करने के पहले योजना बनाते है वैसे ही बोलने के पहले शब्द योजना तैयार करनी चाहिए, जितना शब्द बचाएंगे, उतना ही मृदुभाषी होने में सुविधा होगी। मुनिश्री ने कहा कि मृदुभाषी का मस्तिष्क भी तेज चलता है। तेज जुबान दिमाग को सीधा कर देती है। और तेज दिमाग वाले जुबान को धीमे चलाते है। इस लिए 24 घटे में थोड़ा मौन साधिए। उन्होंने कहा यदि संत परंपरा (बुद्ध, महावीर, कबीर, तुलसी) पर नजर डाल पाएंगे कि बात सभी वहीं कह रहे है, लेकिन मूल्यों की बात करते समय इनमें से हर एक के शब्द ताजा, अलग और गरिमामय रहे है। ऐसा ही कर सकते है, इसलिए शब्द बचाएं और उन्हीं बचे हुए शब्दों से हर विचार को नए रूप में ताजा बनाएं। किसी पुराने शास्त्र, विचार, सिद्धात पर बात करनी हो, शब्द नए होने चाहिए, एक दम ताजे। भले ही भाव, अर्थ वही हो, जो हजारों साल पहले रहे होंगे। जैसे रुपया, पैसा भी लगातार चलते हुए घिस जाते है, वैसे ही शब्द भी कट पीट जाते है। शब्द का ताजा उच्चारण करने के लिए कम बोलने का प्रयास करें। इस अवसर पर स्वामी विकास चन्द विमल, सुरेन्द्र मित्तल, रमेश मित्तल, राम कुमार जैन, जोगेन्द्र पाल गर्ग, पंकज जैन, राम निवास जैन, अश्वनी मित्तल, नरेश मित्तल, जेपी गोयल, आनंद जैन, लक्ष्मी मित्तल, राम गोपाल जैन, हरिओम जैन के अलावा अन्य उपस्थित थे।

Apr 7, 2012

भारतीय संस्कृति के दैदीप्यमान नक्षत्र हैं महावीर : साध्वी श्री सुदर्शना

मंडी गोबिंदगढ़
स्थानीय तेरापंथ भवन में महातपस्वी अणुव्रत अनुशास्ता श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री सुदर्शना जी के सान्निध्य में भगवान महावीर जयंती श्रद्धा भावना से से मनाई गई।

 इस पावन अवसर पर साध्वी श्री सुदर्शना जी ने प्रवचन करते कहा कि भारतीय संस्कृति के दैदीप्यमान नक्षत्र हैं। भगवान महावीर ने अपनी संपूर्ण दीप्ति के साथ उद्भाषित हो जन-जन को आलोकित किया। भगवान महावीर की चारित्रिक आभा, मृत्युंजयीत तपसाधना, अनाहत ज्ञान धारा और समुच्चवल सम्यकरण की प्रथा पूंजीभूत होकर संपूर्ण मानव समाज को प्रभास्वर किया। उनके महत्वपूर्ण अवदान जी सुन्दर प्रस्तुति, श्री लक्षित प्रभा जी अनेक रोचक प्रसंग सुनाए।
इस मौके शिरोमणि अकाली दल बादल के जिला अध्यक्ष जगदीप सिंह चीमा ने कहा कि हम सभी को भगवान महावीर जी की ओर से दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प करना चाहिए। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल, स्थानीय अध्यक्ष रमेश मित्तल, पंजाब अणुव्रत प्रभारी लक्ष्मी मित्तल, जस्सा सिंह आहूलवालिया, जितेन्द्र सिंह धालीवाल, हरमीत सिंह खालसा, भिंदर सिंह, परमजीत सिंह, प्रवीण जैन, रामनिवास जैन, रामगोपाल जैन,जोगेन्द्रपाल, गगनदीप जैन, सरीता जैन, इन्द्र सेन, पवन, पदमा, नरेश कुमारी के अलावा साधक साधिकाएं शामिल थे।
 
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